OS01 || पूज्यपाद गुरुसेवी भगीरथ बाबा के प्रसन्नमुद्रा में || In happy mood of Gurusevi Bhagirath Baba
पूज्यपाद गुरुसेवी भगीरथ बाबा के प्रसंन्न मुद्रा के चित्र
प्रभु प्रेमियों ! हम लोग अगर प्रसन्न मुद्रा का चित्र देखते हैं, तो हृदय में प्रसन्नता का भाव आता है। दुखित मन में भी खुशियां आने लगती है । इसलिए प्रायः लोग प्रसन्नमुद्रा का चित्र अपने घर में रखते हैं, ताकि हमें किसी भी प्रकार के विपत्ति में प्रसन्नता का बोध हो, हमारा मन उदास ना हो, खिन्न ना हो, इसलिए भी प्रसन्न मुद्रा का चित्र देखना अत्यंत लाभदायक है। वह भी संत-महापुरुषों के प्रसन्न मुद्रा के चित्र मन में सात्विकता भी लाता है और हृदय के कलुषिता को भी दूर करनता है। मन में उत्तम भाव जगाता है । इसलिए लोग प्रसन्न मुद्रा का चित्र देखते हैं । गुरुसेवी भगीरथ बाबा गुरु महाराज के बहुत सेवा किए हैं, उनके प्रसन्न मुद्रा का चित्र देखकर मन में खुशी होती है । जय गुरु महाराज
सत्संगी साधकों, महापुरुषों द्वारा विरचित साहित्य "OS02. गुरुसेवी स्वामी भगीरथ अभिनंदन ग्रंथ" के बारे में जानने के लिए 👉 यहाँ दवाएँ।
|
सहयोग राशि + पैकिंग चार्ज + शिपिंग चार्ज + वेबसाइट चार्ज + पेमेंट गेटवे चार्ज + tax सहित केवल
न्यूनतम योग राशि मात्र ₹199.00/- में घास बोर्ड में पैकिंग किया हुआ उपलब्ध है .
आप इस पिक्चर के लिए न्यूनतम सहयोनग राशि ₹99/- + शिपिंग चार्ज के साथ निम्नलिखित लिंक में से किसी एक से ओनलाइन आर्डर करें-
| अभी खरीदे |
बिशेष-- प्रभु प्रेमियों ! पुस्तक खरीदने में उपरोक्त लिंक में से कहीं भी किसी प्रकार का दिक्कत हो, तो आप हमारे व्हाट्सएप नंबर 7547006282 पर मैसेज करें. इससे आप विदेशों में भी पुस्तक मंगा पाएंगे. कृपया कॉल भारतीय समयानुसार दिन के 12:00 से 2:00 बजे के बीच में ही हिंदी भाषा में करें.
OS02. 'गुरुसेवी स्वामी भागीरथ अभिनंदन' संतमत सत्संग के महान संत सद्गुरु महर्षि मँहीँ परमहंसजी महाराज के निज सेवक शिष्य गुरुसेवी स्वामी भगीरथजी महाराज हुए हैं , जिन्होंने अपने गुरु की सन् 1968 ई ० से 1986 ई ० ( संत महर्षि मँहीँ के परिनिर्वाण ) तक अहर्निश सेवा कर , नितांत निजी सेवा कर गुरु - सेवा के क्षेत्र में एक कीर्तिमान स्थापित किया । परमाराध्य गुरुदेव इन्हें ' बेटा ' कहकर बुलाते थे तथा गुरुदेव ने इन्हें अनेक अमोघ आशीर्वादों से आप्लावित किया है । इनकी अहर्निश गुरु - सेवा के कारण ही संतमत - जगत् इन्हें ‘ गुरुसेवी ' के नाम से जानता , पहचानता और मानता है ।। इस चित्र के बारे में विशेष जानकारी के लिए 👉 यहां दबाएं ।
सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज की पुस्तकें मुफ्त में पाने के लिए शर्तों बारे में जानने के लिए 👉 यहां दवाएं।
---×---
OS01 || पूज्यपाद गुरुसेवी भगीरथ बाबा के प्रसन्नमुद्रा में || In happy mood of Gurusevi Bhagirath Baba
Reviewed by सत्संग ध्यान
on
दिसंबर 24, 2021
Rating:










कोई टिप्पणी नहीं:
जय गुरु महाराज कृपया इस ब्लॉग के मर्यादा या मैटर के अनुसार ही टिप्पणी करेंगे, तो उसमें आपका बड़प्पन होगा।