OS03 . योग-संगीत || श्रीश्री पंचानन भट्टाचार्य द्वारा रचित 119 बांग्ला पद्यों का भारती भाषा में रुपान्तरित पुस्तक
योग-संगीत
प्रभु प्रेमियों ! संगीत सुनने या गुनगुनाने से आपकी मानसिक स्थिति बेहतर होती है, जबकि योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभकारी है। संतमत सत्संग में योग से संबंधित संगीत या भजन का बड़ा महत्व है । इसी महत्व को देखते हुए बांग्ला भाषा के महान योगी श्री श्री पंचानन भट्टाचार्य जी द्वारा 119 बांग्ला पदों को भारती (हिंदी) में रूपांतरित करके प्रकाशित किया गया है। इस कार्य में पूज्यपाद गुरुसेवी भगीरथ बाबा एवं पूज्यपाद स्वामी छोटेलाल दास जी महाराज का द्वारा उत्साहित महात्मा श्रीनाथू दास जी ने अथक प्रयास किया है, जिसके फल स्वरुप यह पुस्तक आपके हाथों में है । आइये इस पुस्तक के बारे में थोड़ा जानकारी प्राप्त करें।
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श्रीश्री पंचानन भट्वाचार्य द्वारा रचित बंगाला 119 पद्य का भारती भाषा में रुपान्तरित पुस्तक
पुज्य गुरुदेव महर्षिं मेँहीँ परमहंस जी महाराज अपने जीवन काल में अखिल भारतीय संतमत-सत्संग महाधिवेशन एवं जिलाधिवेशनों में योग-संगीत नामक पुस्तक से बंगला भजन साज-बाज के साथ गवाते थे। योग-संगीत का पाठ या गायन गुरुदेव को बहुत अच्छा लगता था। इस पुस्तक में साधनानुभूति की बातों से युक्त पद्य भरपूर मात्रा में है। इस पुस्तक से साधना में प्रगति हो इसकी भी प्रेरणादायिनी वाणी है। इसी वाणी को नाथू दासजी हिन्दी लिप्यन्तरण करवाये हैं। यह पुस्तक योगीराज श्री श्यामाचरण लाहिडी जी महाराज के महान शिष्य योगाचार्य पंडित श्री श्री पंचानन भट्टाचार्य कृत 'योग संगीत' जो कि बांग्ला भाषा में है, उसी का भारती (हिन्दी) भाषा में लिप्यंतरण किया गया है। जिससे बंगाला भाषा में संतों का ज्ञान एवं भारती (हिन्दी) भाषा में संतों का ज्ञान का एकत्व का बोध कर आत्मकल्याण कर सके।
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पूज्यपाद गुरुसेवी भगीरथ साहित्य सीरीज
प्रभु प्रेमियों ! भगीरथ साहित्य सीरीज की अगली पुस्तक "BS01. महर्षि मेँहीँ के दिनचर्या उपदेश" इसमें आपने गुरुदेव के दैनिक क्रिया-कलाप का वर्णन, उनके द्वारा बतायी गवी कुछ दवाडइयों एवं उनके कुछ प्रवचनों का संग्रह किया है। यह पुस्तक अखिल भारतीय संतमत सत्संग महासभा की ओर से प्रकाशित किया जाता है। मुझे विश्वास है कि इसके अध्ययन-मनन करने से आध्यात्मिक लाभ अवश्य होगा इस पुस्तक के बारे में विशेष जानकारी के लिए 👉 यहां दबाएं ।
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OS03 . योग-संगीत || श्रीश्री पंचानन भट्टाचार्य द्वारा रचित 119 बांग्ला पद्यों का भारती भाषा में रुपान्तरित पुस्तक
Reviewed by सत्संग ध्यान
on
नवंबर 29, 2025
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